Anugrah Sahayata Permanent disability under Sambal Yojana: मध्य प्रदेश सरकार की संबल योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक व्यापक कल्याणकारी योजना है, जो न केवल मृत्यु या आंशिक अक्षमता की स्थिति में सहायता प्रदान करती है, बल्कि स्थायी दिव्यांगता जैसे गंभीर हालात में भी आर्थिक संबल देती है। इस योजना के अंतर्गत स्थायी दिव्यांगता सहायता के तहत पात्र श्रमिक को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि श्रमिकों को उनकी कार्यक्षमता पूरी तरह खत्म होने की स्थिति में जीवन को संभालने और पुनर्वास के लिए सहायता प्रदान करती है। इस लेख में हम इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, शर्तें और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझेंगे।
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स्थायी दिव्यांगता सहायता का उद्देश्य
स्थायी दिव्यांगता सहायता योजना का उद्देश्य उन असंगठित श्रमिकों को आर्थिक सहायता देना है, जो किसी दुर्घटना, बीमारी या अन्य कारणों से स्थायी रूप से अक्षम हो जाते हैं और अपनी आजीविका कमाने की क्षमता पूरी तरह खो देते हैं। यह स्थिति श्रमिक और उनके परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि आय का मुख्य स्रोत समाप्त हो जाता है। ₹2 लाख की यह सहायता राशि न केवल तात्कालिक राहत प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक को पुनर्वास, चिकित्सा व्यय या वैकल्पिक जीवनयापन के साधन जुटाने में भी मदद करती है।
लागू होने की स्थिति: जब कोई पंजीकृत असंगठित श्रमिक स्थायी रूप से अक्षम (Permanently Disabled) हो जाता है।
राशि: ₹2,00,000 (दो लाख रुपये)
स्थायी दिव्यांगता से आशय
संबल योजना में “स्थायी दिव्यांगता” का तात्पर्य ऐसी शारीरिक या मानसिक अक्षमता से है, जो श्रमिक की कार्य करने की क्षमता को स्थायी रूप से समाप्त कर दे। इसमें निम्नलिखित उदाहरण शामिल हो सकते हैं:
- दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों का स्थायी नुकसान।
- ऐसी गंभीर चोट या बीमारी जो श्रमिक को जीवन भर के लिए कार्य करने में असमर्थ बना दे।
- 80% या उससे अधिक दिव्यांगता (जैसा कि चिकित्सा प्रमाण-पत्र में दर्ज हो)।
इसके लिए एक मान्यता प्राप्त सरकारी चिकित्सा संस्थान द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र आवश्यक होता है, जिसमें अक्षमता की स्थायी प्रकृति और प्रतिशतता स्पष्ट हो।
पात्रता की शर्तें
स्थायी दिव्यांगता सहायता के लिए पात्र होने हेतु निम्नलिखित शर्तों का पालन करना अनिवार्य है:
- पंजीकृत श्रमिक:
- आवेदक का संबल योजना के तहत असंगठित श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना चाहिए।
- संबल आईडी अनिवार्य है।
- स्थायी दिव्यांगता का प्रमाण:
- सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, जिसमें स्थायी अक्षमता की पुष्टि हो।
- प्रमाण-पत्र में दिव्यांगता का स्तर (आमतौर पर 80% या अधिक) और स्थायी प्रकृति का उल्लेख होना चाहिए।
- आयु सीमा:
- श्रमिक की आयु घटना के समय 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- बैंक खाता और आधार:
- आवेदक का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की सुविधा सक्रिय होनी चाहिए।
अपात्रता के आधार
कुछ परिस्थितियों में स्थायी दिव्यांगता सहायता के लिए पात्रता नहीं होगी:
- यदि दिव्यांगता स्वयं के कारण उत्पन्न हुई हो, जैसे मादक द्रव्यों का सेवन, आत्म-हानि या आपराधिक गतिविधि।
- यदि श्रमिक की आयु 60 वर्ष से अधिक हो।
- यदि दिव्यांगता जन्मजात हो या संबल योजना में पंजीकरण से पहले की हो।
संबल योजना के तहत स्थायी दिव्यांगता की दशा में अनुग्रह सहायता ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
संबल पोर्टल के माध्यम से स्थायी दिव्यांगता सहायता के लिए आवेदन करना सरल और सुविधाजनक है। नीचे चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
संबल योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://sambal.mp.gov.in/ पर जाएं। - सही लिंक चुनें:
पोर्टल के “सेवाएं” (Services) अनुभाग में “अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता) हेतु आवेदन” लिंक – https://sambal.mp.gov.in/Public/SchemeApplication/TempararyDisabilitySchemesBenefit.aspx?DB=2 पर क्लिक करें। - आवश्यक जानकारी दर्ज करें:
- श्रमिक की संबल आईडी/ समग्र आईडी प्रविष्ट करें।
- कैप्चा कोड भरें।
- विवरण प्रदर्शित करें:
“श्रमिक की जानकारी प्रदर्शित करें” बटन पर क्लिक करें। इससे श्रमिक का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा। - दस्तावेज अपलोड करें:
- स्थायी दिव्यांगता का चिकित्सा प्रमाण-पत्र।
- आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण।
- अन्य आवश्यक दस्तावेज (यदि मांगे जाएं)।
- आवेदन सबमिट करें:
सभी जानकारी और दस्तावेजों की जांच करने के बाद आवेदन को ऑनलाइन जमा करें। सबमिशन के बाद एक पावती नंबर प्राप्त होगा, जिसे भविष्य के लिए संभालकर रखें।
लाभ और महत्व
आर्थिक सहायता: ₹2 लाख की राशि श्रमिक को चिकित्सा व्यय, परिवार के भरण-पोषण, या वैकल्पिक आजीविका शुरू करने में सहायता करती है।
सामाजिक सुरक्षा: यह योजना श्रमिक को यह विश्वास दिलाती है कि गंभीर परिस्थितियों में भी उनका और उनके परिवार का ध्यान रखा जाएगा।
जीवन की गुणवत्ता: सहायता राशि से श्रमिक अपने जीवन को पुनर्जनन करने और आत्मसम्मान बनाए रखने में सक्षम हो सकता है।
आंशिक और स्थायी दिव्यांगता सहायता में अंतर
विशेषता | आंशिक दिव्यांगता सहायता | स्थायी दिव्यांगता सहायता |
---|---|---|
राशि | ₹1 लाख | ₹2 लाख |
दिव्यांगता का स्तर | आंशिक (कार्यक्षमता में कमी) | स्थायी (कार्यक्षमता पूर्ण समाप्त) |
उद्देश्य | आंशिक सहायता और पुनर्वास | पूर्ण सहायता और जीवन संबल |
संबल योजना के तहत आंशिक अपंगता की दशा में अनुग्रह सहायता हेतु ऑनलाइन आवेदन
संबल योजना के तहत स्थायी दिव्यांगता सहायता (₹2 लाख) असंगठित श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कवच है। यह योजना उन श्रमिकों के लिए संजीवनी का काम करती है, जो स्थायी अक्षमता के कारण अपनी आजीविका खो देते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ने इसे और भी सरल और पारदर्शी बना दिया है। हालांकि, पात्रता शर्तों का पालन और सही दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के लिए पात्र है, तो संबल पोर्टल पर तुरंत आवेदन करें और इस लाभ का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए संबल पोर्टल या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।