झारखंड सरकार ने राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा की दिशा में वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (jharkhand guruji credit card scheme) की शुरुआत की है। यह योजना खासतौर से उन छात्रों के लिए बनाई गई है, जो अपनी वित्तीय स्थिति के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ हैं। इस योजना का उद्देश्य झारखंड के छात्रों को शिक्षा ऋण के माध्यम से बेहतर शिक्षा का अवसर देना है, जिससे उनकी आर्थिक समस्याएं शिक्षा की राह में बाधा न बनें।

गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के मुख्य लाभ
- छात्रों को 4% वार्षिक साधारण ब्याज दर पर अधिकतम 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
- किसी भी प्रकार का कोलैटरल (गिरवी) नहीं रखा जाएगा, जिससे छात्रों पर आर्थिक दबाव कम हो।
- ऋण का भुगतान 15 साल तक किया जा सकता है, जिसमें मोराटोरियम (छूट) अवधि भी शामिल है।
- इस योजना के अंतर्गत, यदि छात्र उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं तो सरकार की ओर से 100% गारंटी दी जाएगी।
- प्रोसेसिंग फीस नहीं लगेगी, जिससे छात्रों के लिए आवेदन करना सरल होगा।
- मोराटोरियम अवधि के बाद ब्याज चुकाने पर 1% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
- राज्य में हर साल हजारों छात्रों को सरकारी कॉलेजों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलेगा।
- देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना मुख्य बाते
योजना का विवरण | विवरण |
योजना का नाम | झारखंड मुख्यमंत्री गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना |
योजना की शुरुआत | 2023 |
किसने शुरू की | झारखंड राज्य सरकार |
मुख्य उद्देश्य | आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण प्रदान करना |
ऋण की अधिकतम सीमा | 15 लाख रुपये |
ब्याज दर | 4% साधारण ब्याज प्रति वर्ष |
ऋण भुगतान अवधि | 15 साल (मोराटोरियम अवधि सहित) |
प्रोसेसिंग फीस | नहीं |
कोलैटरल (गिरवी) | कोई कोलैटरल नहीं रखा जाएगा |
अधिकारिक विभाग | शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार |
आधिकारिक वेबसाइट | https://gscc.jharkhand.gov.in/ |
लाभार्थी | झारखंड राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र |
आवेदन के लिए आयु सीमा | 40 साल तक |
योग्यता | एनआईआरएफ रैंकिंग में 100 तक के कॉलेज/विश्वविद्यालय में नामांकन |
गारंटी | राज्य सरकार द्वारा 100% गारंटी |
कुल बजट | 500 करोड़ रुपये |
अधिक जानकारी के लिए गाइड लाइन पढ़े – https://gscc.jharkhand.gov.in/sample%20files/guruji_guidelines.pdf
jharkhand guruji credit card scheme कौन कर सकता है आवेदन?
- इस योजना का लाभ वही छात्र ले सकते हैं जो झारखंड राज्य के स्थायी निवासी हैं और उनकी परिवारिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं है।
- किसी भी छात्र के नाम पर पहले से कोई शिक्षा ऋण नहीं होना चाहिए।
- वे छात्र जिनका नाम किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में दर्ज है, वे आवेदन कर सकते हैं।
- विशेषतौर पर झारखंड के वे छात्र जो एनआईआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में 100 तक की रैंक वाले कॉलेजों या संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं, वे इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे।
- छात्रों की उम्र 40 साल तक होनी चाहिए ताकि वे योजना का लाभ उठा सकें।
शिक्षा के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
राज्य सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा के माध्यम से झारखंड के छात्रों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा छात्रों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता न केवल उनकी शिक्षा में सहायक होगी, बल्कि झारखंड के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस योजना से छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और वे भविष्य में राज्य और देश के विकास में अहम योगदान दे सकेंगे। झारखंड गुरूजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना राज्य की एक अग्रणी योजना है जो शिक्षा के माध्यम से हर छात्र को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड (जीएससीसी) योजना का कार्यान्वयन ढांचा
सरकार ने झारखंड में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नए विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की स्थापना की है। इस योजना के अंतर्गत हर वर्ष लाखों छात्र 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं, और सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र अपनी वित्तीय स्थिति के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
योजना के तहत छात्रों को 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जाता है, जिससे वे अपनी उच्च शिक्षा के लिए धन की कमी महसूस न करें।